भूगोल शास्त्री - इराटोस्थेनेस (c. 276 BCE- c.194 BCE, Cyrene) इराटोस्थेनेस एक वैज्ञानिक, गणितज्ञ, लेखक, कवि और एक खगोलशास्त्री थे। उन्होंने आधुनिक भौगोलिक अध्ययनों को एक ठोस आधार प्रदान करने के लिए विशिष्ट भूमिका निभाई है। उन्हें एक भूगोलवेत्ता के रूप में माना जाता है क्योंकि उन्होंने भूगोल के अध्ययन के क्षेत्र में निम्नलिखित योगदान दिया है : उन्होंने 'भूगोल' शब्द गढ़ा है। वे पृथ्वी की परिधि का माप देने वाले पहले व्यक्ति थे जो सटीक आकार के बहुत करीब है। उन्होंने पृथ्वी के अक्ष के झुकाव को मापा है। उन्होंने एक पुस्तक कैटस्टरिज़म लिखी थी जो नक्षत्रों की व्याख्या करती है। उन्होंने अक्षांश और देशांतर की अवधारणा को आगे बढ़ाया। उन्होंने दुनिया के प्रक्षेपण का विकास किया। गणित और भूगोल के क्षेत्रों में उनके अधिकांश काम संकलित किए गए हैं जिसे प्लिनी, पॉलीबियस, स्ट्रैबो और मार्सियानस जैसे कई ग्रीक लेखकों और इतिहासकारों ने सार्वजनिक पटल पर लाने का काम किया है। लेकिन दुखद बात यह है कि यह सब उनकी मृत्यु के बाद हुआ है। कोई भी...
वर्षों तक शिक्षण से जुड़े रहने के कारण ज्ञान प्राप्त करना और उसका संचार करना मेरा प्रमुख कार्य रहा है। इसी के तहत, मुझे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास भी है। इस ब्लॉग का मूल ध्येय आज की पीढ़ी में, समाज और वातावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना, और उन्हें यह एहसास दिलाना है कि उनके द्वारा आज उठाए गए कदम इस पृथ्वी का आने वाला कल निर्धारित करेंगे। इसके अलावा इस बात की पुष्टि करना भी आवश्यक है कि वे इस पृथ्वी और समाज के कल्याण के लिए सही दिशा चुनेंगे जिसमें सबका हित अंतर्निहित होगा।